अच्छाई से तफ्तीश

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पैर आगे बढाओ : हमने सुना है
कि तुम अच्छे इंसान हो |
तुम्हे ख़रीदा नहीं जा सकता, परन्तु बिजली
जो घर पे गिरती है,
भी नहीं खरीदी जा सकती |
तुम उसपर पक्के हो जो तुमने कहा |
लेकिन क्या कहा था तुमने ?
तुम ईमानदार हो | तुम्हारा मतलब तुम्हारा नजरिया |
कौनसा नजरिया ?
तुम दलेर हो |
किसके खिलाफ ?
तुम दानिशमंद हो |
किसके लिए ?
तुम्हें खुद के फायदे से मतलब नहीं |
तो किसके फायदे से मतलब है ?
तुम अच्छे दोस्त हो |
क्या तुम अच्छे लोगों के भी दोस्त हो ?
तो सुनो : हम जानते हैं |
तुम हमारे दुश्मन हो | इस वजह से
हम तुझे दीवार के साथ खड़ा करेंगे |
लेकिन तुम्हारी खूबियों और गुणों के लिहाज से
हम तुझे बढ़िया  दीवार के साथ खड़ा करेंगे
और बढ़िया  बन्दूक की बढ़िया  गोली से
उड़ा देंगे
और बढ़िया बेलचे के साथ बढ़िया जमीन में
दफ़ना देंगे |

translated from Brotolt Brecht’s “The Interrogation of the Good”

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One thought on “अच्छाई से तफ्तीश

    समय said:
    August 14, 2010 at 12:07 AM

    ब्रेख़्त लाज़वाब कर देते हैं। समीचीन प्रस्तुति।
    शुक्रिया।

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