पंजाबी कवि ‘पाश’ पर ‘राजेन्द्र राही’ के साक्षात्कार से पैदा हुए विवाद पर (पंजाबी ऑडियो)

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Paash Bare Rahi de Interview te : Kashmir 2.52 MB 4.57 MB
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7 thoughts on “पंजाबी कवि ‘पाश’ पर ‘राजेन्द्र राही’ के साक्षात्कार से पैदा हुए विवाद पर (पंजाबी ऑडियो)

    Krishna Kumar Mishra said:
    December 7, 2009 at 5:17 PM

    कौन से समाजवाद कि बात कर रहे है आप जो सदियों से भारत की परंपराओं में रचा बसा है या उस आयातित मानसिक गंदगी की जिसने समाज को बिगाड़ कर रख दिया है

    Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar responded:
    December 8, 2009 at 5:27 PM

    सर्वहारा वर्ग सचेत रूप से भविष्य से लेता हैं और अतीत से ग्रहण करते हुए उसका दृष्टिकोण आलोचनात्मक रूप से छानबीन कर ग्रहण करने का होता है. इसके बारे में और जानकारी के लिए देखें : न तो इतिहासग्रस्त और न इतिहास विमुख http://7215893318505942261-a-1802744773732722657-s-sites.googlegroups.com/site/srijanpariprekshya/Home/pha-ilem/Eknayesarvharapunarjagran.pdf?attachauth=ANoY7cqzi7BsYFkgV-IREyDBP6fWDErFIr6UmIh2JALJy6JFQgdTqYIB1vc3jDHQrCf1WDaGe5XZmRCF1hflS0NyYyPafdTyt9CoESSq-_qEXUETBHfnUHFgkULSPxkouuUfhq9sxWF9BQCJ90mQtRN4w_d2zBho-3nTNZb89VUzn6h6AvHHp6HGDW3mBaZ02rdFfq43DJcR4qiA3dYvH0LXSwhQatasukwnC1M-lEl33A-bp1h32Pb2dq6Euf_LXoIgOVSzioG8&attredirects=0

    Amrit said:
    December 9, 2009 at 5:05 PM

    Krishna Kumar Mishra ji… आप कौन से समाजवाद की बात क्र रहे हैं … हम भी जान जायें प्राचीन भारतीय समाजवाद के बारे में जो आप की रग रग में बसा है ???

    Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar responded:
    December 12, 2009 at 12:39 PM

    पण्यों की जड़-पूजा और उसका रहस्य http://marxpoonji.wordpress.com/2009/12/09/%E0%A4%AA%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%BE/#comment-56 पर बहस करते हुए श्री मिश्र जी लिखते हैं, “गरीबी हटाने का तत्कालीन तरीका के लिए एक तरीका है आप गरीब बन जाइए और किसी को अमीर बना दीजिए अपनी संपत्ति से। किसी न किसी को गरीब रहना है वो चाहे आप हो या कोई और , मज़दूर नही खत्म हो सकते शारीरिक श्रम तो किसी न किसी को करना है ये एक चक्र है।”

    ये इसी समाजवाद की बात करते हैं जो इनकी रग-रग में बसा है.

    dr. dheeraj kumar said:
    December 13, 2009 at 11:51 PM

    SOME CONTENTS WHICH R SHOWN HERE R NOT CLEAR TO ME…………………I THNK I DNT HV FONT 2 READ IT………………IS ANY ONE CAN HELP ME…………….?????????????

    Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar responded:
    December 14, 2009 at 7:22 AM

    Please try the latest editions of firefox based flock or Google Chrome browsers. They may solve your problem.

    kulwinder said:
    February 10, 2010 at 1:54 PM

    we have also put this link on the blog about paash at http://paash.wordpress.com/

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